चन्द्र-राशि वृश्चिक: १४ अक्टूबर २०२६ — नवरात्रि चौथा दिन: चन्द्र वृश्चिक में अनुराधा में पूरा दिन IST (ज्येष्ठा ~०४:०३ IST १५ अक्टूबर / ~६:३३ pm ET १४ अक्टूबर से); शुक्ल चतुर्थी ~०१:१३ IST १५ अक्टूबर (दोपहर ~३:४३ ET १४ अक्टूबर) तक, फिर पंचमी; सूर्य कन्या / चित्रा में: अधिकांश पंचांगों में कूष्मांडा पूजा — स्थिर भक्ति, शांत साहस और न्यायपूर्ण वाणी; तुला में बुध और वक्री शुक्र (नए अनुबंध बाद के लिए रखें); कर्क में उच्च गुरु और नीच मंगल; शनि मीन में वक्री। लाहिरी / चित्रपक्ष। चिकित्सकीय या कानूनी सलाह नहीं। व्यक्तिगत कुंडली नहीं।
कर्म और काम: चन्द्र राशि वृश्चिक से आज मंगल कर्क के नवम भाव में हैं — काम को गरमी से छोटा रखें।
घर और परिवार: चन्द्र वृश्चिक के प्रथम भाव को वृश्चिक से छूते हैं: पहले जिज्ञासा, फिर घर में पकड़ हल्की करें।
धन और समझौते: बुध और शुक्र तुला के द्वादश भाव में हैं — वृश्चिक के लिए। शुक्र या बुध वक्र हो तो समझौते पर हस्ताक्षर से पहले दोबारा पढ़ें।
सावधानी: वक्र शनि मीन के पंचम भाव में वृश्चिक से हैं। दिन को बात सिद्ध करने में न खर्च करें।
यह हर वृश्चिक चन्द्र राशि के लिए एक ही चन्द्र-राशि रेखाचित्र है। जन्म नक्षत्र दिन का रंग बदल सकता है।
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बचें
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ध्यान
- सटीकता
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