वार्षिक राशिफल · लाहिरी / चित्रपक्ष
कर्क वार्षिक राशिफल — २०२६
इस राशि के नक्षत्र: पुनर्वसु · पुष्य · अश्लेषा · स्वामी चन्द्र
कर्क चन्द्र २०२६। पूरे वर्ष नवम शनि। गुरु जून तक द्वादश, जून–अक्टू उच्च प्रथम, नवम्बर से द्वितीय। राहु अष्टम, केतु द्वितीय। कुंडली नहीं।
- शनि पूरे २०२६ मीन राशि में रहते हैं; लगभग २६ जुलाई – ११ दिसम्बर वक्री। सितम्बर में नक्षत्र संदर्भ रेवती।
- गुरु: मिथुन में लगभग २ जून २०२६ तक, फिर कर्कट में उच्च लगभग २ जून – ३१ अक्टूबर (सितम्बर में अश्लेषा), फिर सिंह लगभग ३१ अक्टूबर से।
- अधिकांश वर्ष राहु कुंभ, केतु सिंह; दिसम्बर के आरम्भ के आसपास मकर–कर्क अक्ष की ओर झुकाव।
- साढ़े साती प्रायः मीन, मेष और शनि की दृष्टि वाले चिह्नों के संदर्भ में कही जाती है — यह पारंपरिक चर्चा है, आपके वर्ष का निर्णय नहीं।
- ग्रहण २०२६ (केवल पंचांग): १७ फ़रवरी सूर्य, ३ मार्च चन्द्र, १२ अगस्त सूर्य, २८ अगस्त चन्द्र। भारत से स्पष्ट दृष्टि के दावे नहीं। व्यक्तिगत हानि की भाषा यहाँ नहीं है।
जनवरी–मई · गुरु मिथुन में
द्वादश गुरु: शांत वृद्धि, विदेशी/पर्दे-पीछे अध्ययन, निद्रा अभ्यास। नवम शनि ईमानदार गुरु। अष्टम राहु: सीमा के साथ शोध और साझा धन। द्वितीय केतु: सरल वाणी-रसोई। एकांत नाटकीय न बनाएँ; उपयोग करें।
जून–अक्टूबर · गुरु कर्कट में उच्च
शीर्षक: प्रथम में उच्च गुरु। स्व, प्राण, कमरे में प्रवेश। १८ सितम्बर से प्रथम में नीच मंगल — विस्तार और गरमी साथ। नवम शनि रखा व्रत। सितम्बर चतुर्थ शुक्र बिना ऋण घर सुंदर। मूड और भोजन की रक्षा।
नवम्बर–दिसम्बर · गुरु सिंह + राहु-केतु अक्ष
द्वितीय गुरु (सिंह): वाणी, परिवार संसाधन। अक्ष पंचांग। वर्ष मेज़ पर एक सत्य और एक अध्ययन-व्रत से बंद। सितम्बर की प्रथम गरमी ने तीव्रता को नियति न मानना सिखाया हो।
कर्म / करियर
नवम शनि: दीर्घ पाठ्यक्रम, उपस्थिति। मध्य वर्ष प्रथम गुरु: बिना पद-व्यसन विश्वास। अष्टम राहु: नीति के साथ शोध। त्यागपत्र तिथि नहीं।
धन
पूरे वर्ष द्वितीय केतु: सरल धन कथा। प्रथम गुरु अति-दान। अष्टम राहु: ऋण की लिखावट। लोक-अंक दो।
स्वास्थ्य
वक्ष पारंपरिक। मध्य वर्ष प्रथम: मूड-पाचन साथ। वर्षारम्भ द्वादश: निद्रा। दर्द-गर्भ-घबराहट चिकित्सक। निदान नहीं।
परिवार और सम्बन्ध
द्वितीय केतु बात शांत; माता-पिता संग बैठें। मध्य वर्ष प्रथम परिवार मौसम में अधिक दृश्य। विवाह तिथि नहीं।
विद्यार्थी
नवम शनि: पाठ्यक्रम। मध्य प्रथम गुरु: तैयार मौखिक विश्वास। वर्षारम्भ द्वादश: पुस्तकालय। वर्षांत द्वितीय: मौखिक सत्य।
वैकल्पिक उपाय
वैकल्पिक। सोमवार दीप। शनिवार अल्प दान। सच भूखे को भोजन चन्द्र-किट से श्रेष्ठ। फल वचन नहीं।
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पुनर्वसु
पुनर्वसु ४: बिना शर्म वर्ष पुनः।
पुष्य
पुष्य: छोटे दैनिक व्रत का पोषण।
अश्लेषा
अश्लेषा: बिना चिपकान अंतर्दृष्टि।
यह चन्द्र-राशि गोचर रेखाचित्र उन सभी के लिए है जिनका चन्द्रमा कर्क में है। अपने जन्म नक्षत्र से जाँच करें। पूर्ण पाठ के लिए लग्न, दशा और जन्म समय भी चाहिए।
अक्टूबर २०२६ मासिकसितम्बर २०२६ मासिक
चैटपंडित वैदिक श्रेणियों (राशि, नक्षत्र, गोचर) पर आधारित एक एआई सांस्कृतिक मार्गदर्शक है। यह शिक्षा और चिंतन के लिए है — प्रमाणित ज्योतिषी नहीं, चिकित्सकीय, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं, और योग्य ज्योतिषी द्वारा पूर्ण कुंडली का विकल्प नहीं। ये सामान्य गोचर भाव हैं, नियति नहीं। आपके निर्णय, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और स्थानीय कानून पहले आते हैं। आपका जन्म-डेटा केवल इस सत्र को निजी बनाने के लिए है।